फरवरी 09, नई दिल्ली:
देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग ने नीति, विज्ञान और समाज के बीच नए संवाद की आवश्यकता को रेखांकित किया है। इसी क्रम में दिल्ली में आयोजित भारत AI प्रभाव सम्मेलन 2026 के प्री-समिट कार्यक्रम ने मानव-केंद्रित तकनीकों को विकास के केंद्र में रखने पर जोर दिया। देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग ने नीति, विज्ञान और समाज के बीच नए संवाद की आवश्यकता को रेखांकित किया है। इसी क्रम में दिल्ली में आयोजित भारत AI प्रभाव सम्मेलन 2026 के प्री-समिट कार्यक्रम ने मानव-केंद्रित तकनीकों को विकास के केंद्र में रखने पर जोर दिया। CSIR-NIScPR के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में विशेषज्ञों ने AI आधारित नवाचारों के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा के लिए समग्र और टिकाऊ समाधान’ तैयार करने पर विचार साझा किए। सम्मेलन ने यह स्पष्ट किया कि भविष्य की तकनीक तभी सार्थक होगी जब वह सामाजिक समावेशन और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में सहायक बने।