भोपाल- श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिवस उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, महापौर मालती राय ने लिया आशीर्वाद, बाल संस्कारों पर दिया विशेष जोरभोपाल। शास्त्री जी के निज सचिव व मीडिया प्रभारी राजेश राय ने बताया कि श्री भागवत परिवार जन कल्याण सेवा समिति (म.प्र.) के तत्वावधान में सनराइज मैरिज गार्डन, सी.एन.जी. पेट्रोल पंप के पास, अयोध्या बायपास रोड, भानपुर, भोपाल में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिवस प्रसिद्ध कथा वाचक एवं धर्म पथिक पूज्य श्री शैलेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज (वृंदावन धाम) ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण करने के दिव्य प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया।अपने प्रवचन में पूज्य गुरुदेव ने कहा कि आज अधिकांश लोग प्रसिद्ध होने की इच्छा रखते हैं, लेकिन चरित्रवान बनने का प्रयास बहुत कम लोग करते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का वास्तविक आभूषण उसका चरित्र होता है। धन, पद, प्रतिष्ठा और बाहरी दिखावा क्षणिक हो सकता है, लेकिन श्रेष्ठ चरित्र जीवनभर सम्मान दिलाता है।
उन्होंने कहा कि “महंगे वस्त्र पहनना आसान है, लेकिन अच्छे कर्मों को धारण करना और चरित्रवान बनना अत्यंत कठिन साधना है। चरित्र ही मनुष्य का सबसे बड़ा गहना है।” उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से सत्य, सेवा, विनम्रता और सदाचार को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
पूज्य शास्त्री जी ने बच्चों के संस्कारों पर विशेष बल देते हुए कहा कि “जिन बच्चों ने बाल्यावस्था में भगवान की कथाएँ सुनी हैं, उनका भविष्य उज्ज्वल होता है। यदि बचपन संस्कारों से वंचित रह जाए, तो आगे चलकर जीवन की दिशा भी प्रभावित होती है।” उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ें, जिससे वे अच्छे नागरिक और आदर्श व्यक्तित्व का निर्माण कर सकें।
कथा के दौरान भोपाल की प्रथम नागरिक एवं महापौर श्रीमती मालती राय ने कथा स्थल पहुंचकर पूज्य गुरुदेव का स्वागत एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति और पारिवारिक संस्कारों को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, श्रद्धालु एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा का श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
आयोजन समिति ने बताया कि कथा के आगामी दिनों में भी भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न दिव्य लीलाओं का वर्णन किया जाएगा तथा अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा में उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया गया।