अनंत अंबानी को वन्यजीव संरक्षण में उनके असाधारण नेतृत्व और समर्पण के लिए ग्लोबल ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के साथ ही वे यह प्रतिष्ठित पुरस्कार पाने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति और पहले एशियाई बन गए हैं, जो भारत के लिए गर्व का क्षण है।
यह पुरस्कार अनंत अंबानी को वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता की रक्षा और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए किए गए उनके प्रभावशाली प्रयासों के लिए प्रदान किया गया। उन्होंने लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण, पशु कल्याण और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के लिए कई दीर्घकालिक और टिकाऊ पहलें शुरू की हैं। उनके प्रयासों का उद्देश्य केवल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है।
अनंत अंबानी ने आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा देने का काम किया है। उनके नेतृत्व में शुरू की गई पहलों ने वैश्विक स्तर पर संरक्षण से जुड़े संगठनों और विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है। साथ ही, उन्होंने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए शिक्षा और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया है।
ग्लोबल ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड समारोह में वक्ताओं ने अनंत अंबानी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनका काम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
इस पुरस्कार के माध्यम से अनंत अंबानी ने यह साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और सही दृष्टिकोण से प्रकृति और मानवता दोनों की सेवा की जा सकती है।